Islam Ki Acchi Baate
assslam alekum aaj deen islam ki acchi bate batane ja rhe hai in hindi me with images jo allah ki baatein hindi me hai aapko ye naseehat ki baate jaroor padni chahiye mujhe umeed hai aapko jaroor pasand aayegi quraan aur allah ke deen iman ki baate
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| Islam Ki Acchi Baate |
1. नमाज़ मिट्टी के इन्सान को सोने का बना देती है.
2. कुरआन कहता है “अपने दुश्मनों की चालों से परेशान ना हुआ करो बेशक तुम्हारा रब सबसे बेहतरीन चाल चलने वाला है.
3. तुम वो मांगते हो जो तुम्हे अच्छा नज़र आता है और अल्लाह वो देता है जो तुम्हारे लिए अच्छा होता है.
4.रब से अपनी बात मनवानी हो तो उसकी भी माननी पड़ती है और जिसको उसकी मानने की आदत पड़ जाये उसकी अपनी बहुत कम रह जाती है.
5.मेने कहा थक चूका हूँ जवाब आया खुदा की रहमत से ना उम्मीद ना हो.
6.हम समझते हैं की अल्लाह हमें ऊपर से देख रहा है जबकि वो हमें अन्दर से देखता है.
7.जिस किताब की इब्तेदा ही अल्हम्दोलिल्लाह से होती है उस पर ईमान लाने वाला नाशुक्रा और ना उम्मीद केसे हो सकता है
8.कोई कितनी ही ना इंसाफी कर ले आखिर में इंसाफ तो उसी ज़ात ने करना है.
9.फ़िक्र ना करें लोग भूल जायेंगे मगर अल्लाह नहीं भूलता आपकी नेकी और ना लोगो की ज्यादती.
10.रहमते हक़ उस शख्श की तलाश में रहती है जिसकी आँख पुरनम रहती है.
11. कभी भी किसी को नीची नज़र से मत देखो क्यों की जो तुम्हारी हेसियत है यह तुम्हारी काबिलियत नहीं बल्कि अल्लाह का तुम पे करम है.
12. अल्लाह से रुजू करने में देर ना करो बेशक उसने अर्शे इलाही पर तहरीर लिख दी है मेरी रहमत मेरे गज़ब पर हावी है.
13. जुबान का कहा दुनिया सुनती है और दिल का कहा मेरा अल्लाह सुनता है.
14.वो सातवें आसमान पर रहने वाला रब हम ज़मीन पर बसने वालों का दर्द हमारे साथ जीने वालों से बेहतर जानता है.
15. रात के आखिरी पहर में उठकर रब को राज़ी करना इश्क है.
16.बेशक खुदा उस शक्श को हिदायत नहीं देता जो बेलिहाज़ झूठा है
17.दुनिया में सबसे ज्यादा मुतमईन लोग वो हैं जिन्हें अपने मामलात अल्लाह ता आला के सुपूर्त करने की आदत हो.
18. वो नेकी बड़ी मोतबर है जिसका रब के सिवाय कोई गवाह ना हो.
19. इश्क तो वो था की आशिक ने अजां ना दी तो खालिक ने सुबह ना की.
20. अल्लाह रिज्क खोले तो दस्तर ख्वान लम्बे कर लो दीवारे नहीं.
21. इन्सान की निस्बत अल्लाह से ताल्लुक जोड़ना आसान है क्यों की अल्लाह धुतकारता नहीं है उसकी तरफ हाथ बढाओ तो वो खुद आगे बढ़कर थाम लेता है.
22.जब भी दुआ मांगो अपनी औकात देखकर नहीं बल्कि अपने रब की शान देखकर मांगो. अपने रब को यह ना बताओ की तुम्हारी मुश्किल कितनी बड़ी है बल्कि अपनी मुश्किल को यह बताओ की तुम्हारा अल्लाह कितना बड़ा है.
24. एक ही जुमला इन्सान की तरबियत के लिए काफी है के अल्लाह देख रहा है.
25.शुक्र करने वाले कभी मायूस नहीं होते.
26. दुनिया में सबसे तेज़ रफ़्तार चीज़ दुआ है जो दिल से जुबान तक पहुचने से पहले अल्लाह ता आला के पास पहुँच जाती है .
27. अगर कभी किसी चीज़ का गुरूर आने लगे तो एक चक्कर कब्रस्तान का लगा लिया करो वहां आप से भी बेहतर इन्सान मिट्टी के निचे भी दफ़न है.
28.कुछ नेकियाँ एसी भी होनी चाहिए जिनका अल्लाह के सिवा कोई गवाह ना हो.
29. ज़िन्दगी में हर परेशानी का सिर्फ एक ही हल है, अल्लाह से बात करें अल्लाह से मांगे अल्लाह पर छोड़ दें अल्लाह पर भरोसा रखें और अल्लाह से फिर कहें और फिर कहते रहें.
30. अपने नुकसान पर हरगिज़ ग़मज़दा ना हुआ करें क्यों की अल्लाह आप से उस वक्त तक कुछ वापस नहीं लेता जब तक की उससे बेहतर अता ना करे.
31. अल्लाह पाक का बनाया हुआ हर इन्सान मुकम्मल और खुबसूरत है बस कमी तो हमारे अखलाक और रावय्यों में हैं
32. उम्मीद इन्सान से कभी मत लगाइए और अल्लाह से कभी मत हटाइए
33. नसीब से गिले करने की बजे अल्लाह को राज़ी कर लो वो चाहे तो समंदर में भी घोड़े दोडवा दे.
34. किसी को अज़ीयत देने के बाद उसकी खामोशी और सब्र से डरो.
35. अक्सर लोग अपनी गुफ्तगू से गीबत, तोहमत और बोहतान निकाल दे तो बाकि सिर्फ खामोशी रह जाती है जो की एक बेहतरीन इबादत है.
36. सारी मखलूक का चाहना सिर्फ चाहना है अल्लाह का चाहना हो जाना है.
37. अगर ये जानना चाहते हो की तुम्हे अल्लाह से मोहब्बत कितनी है तो बस ये देख लो की तुमको गुनाहों से नफरत कितनी
38. जब तुम जान जाओ की अल्लाह तुम्हारे साथ है तो फिर इससे को फर्क नहीं पड़ता की कौन तुम्हारे खिलाफ है.
39. ठोकर भी उन्ही को लगती है जिनको रब को थामना हौता है.
40. मेरे रब की मोहब्बत का अंदाज़ भी निराला है सब कुछ देकर भी कहता है है कोई मांगने वाला.
41. अल्लाह इन्सान से कहता है मेरा होकर देख हर किसी को तेरा ना बना दूँ तो कहना.
42. एक दुसरे के रिज्क पर नज़र मत रखो क्यों की अल्लाह से बेहतर कोई तकसीम नहीं कर सकता.
43. बिन मांगे मिलने वाली नेमतों का शुक्र किया करो क्यों की ये शुक्र की ही आदत है जो तुम तक आने वाली मुसीबतों को टाल देती है.
44. दुनिया में औरत को सब से ज्यादा इज्ज़त कुरआन ने दी है.
45. पानी और नमाज़ दोनों एक जैसे हैं पानी मोहताज नहीं पिने वालों का और नमाज़ नहीं मोहताज पढने वालो की, दोनों के लिए प्यास ज़रूरी है.
46. अल्लाह छोटी तकलीफ देकर इन्सान को बड़ी बड़ी मुसीबतों से बचा लेता है वह बड़ा गफुरुर्रहीम है, उसकी हिकमतें इन्सान की समझ से बलातर है.
47. अल्लाह का खौफ दिल में हो तो लोगो के मामले में दिल खुद बा खुद डरता है.
48. और जब इन्सान अपनी मर्ज़ी को रब की मर्ज़ी के सुपुर्द कर दे तो गम गम नहीं रहता.
49. सिर्फ अल्लाह ही है जिस पर उम्मीद रखो तो अँधेरे में भी रास्ता निकल आता है.
50. अल्लाह से इस कदर करीब हो जाओ की जब तुम दुआ मांगो तो फ़रिश्ते आमीन कहें.

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