हदीस की अच्छी-अच्छी बातें- Hadees Ki Acchi Baate
अस सलाम अलय्कुम दोस्तों, aaj ke is lekh me janage hadees ki acchi acchi bate jo hamare life style ko badal kar rakh degi dosto ye gair muskil ko samaj aaye na aaye lekin yadi aap in bato ka amal apne jivan me karte ho to aapko har kamyabi milegi aapki zindagi ek dam se badal jayegi अल्लाह के पैगम्बर मोहमद मुस्तफा स.अ.व. की कही गयी बातें हैं . इन्हें Quotes of Muhammad s.a.w. in hindi भी कहा जा सकता है.
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया जिस ने किसी ग़रीब के साथ आसानी की तो अल्लाह दुनिया और आख़िरत मे उस केसाथ आसानी करेगा।
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमायाः मेरी तारीफ़ में हद से आगे ना बढ़ो जिस तरह ईसाई ईसा अलैहिस्सलाम की तारीफ़ में हद से आगे बढ़ गए थें, मैं सिर्फ अल्लाह का एक बंदा हूं तो तुम मुझे अल्लाह का बंदा और उसका रसूल कहो
ईदुल अज़हा के दिन ईद की नमाज़ के बाद खाना सुन्नत है अल्लाह के रसूल ﷺ – ईदुल अज़हा में जब तक (ईद की) नमाज़ से फ़ारिग़ न हो जाते कुछ न खाते बल्कि आप अपनी कुर्बानी के गोश्त से ही खाया करते थे
ईदगाह पैदल जाने और लौटने की सुन्नत जाबिर रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूल अल्लाह ﷺ जब ईद का दिन होता तो एक रास्ते से ईदगाह जाते और दूसरे रास्ते से वापस आते
सही बुखारी 986
रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: पेड़ों में एक पेड़ ऐसा है कि जिसके पत्ते नहीं झड़ते और ईमानवाले की मिसाल उसी पेड़ की सी है।और वह खजूर का पेड़ हैं। सही बुखारी61
मुहम्मद ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया जब तुम्हारे पास दो आदमी फैसले के लिये आयें, तो पहले के हक़ में फैसला ना करो जब तककि दूसरे की बात ना सुन लो
जामा अ तिरमिजी 1331
ज़मीन पर कब्ज़ा करना अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया जिस शख़्स ने नाहक़ किसी की ज़मीन का “थोड़ा सा हिस्सा” भी ले लिया तो क़यामत के दिन उसे सात ज़मीनों तक धंसाया जाएगा
सही बुखारी 2454
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: अल्लाह तआला के यहां सब से ज़्यादा नापसंद वो आदमी है जो सख्त झगड़ालू हो.
महिह बुखारी 5457
बेवा की मदद करने की फजीलत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम ने फरमाया: बेवा और मिस्कीन की जरुरत को पूरा करने वाला, लगातार जिहाद करने वाले की तरह है या उस शख्स की तरह है जो रात को नमाज पढ़ने और दिन को रोजा रखने वाला है।
सहीह बुखारी 5353
वालदैन को बुरा भला कहने वाला! पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ ने फ़रमाया: अपने मां बाप को गाली देना कबीरा गुनाहों में से है, सहाबा ने अर्ज़ किया, ऐ अल्लाह के रसूल! भला कोई आदमी अपने मां बाप को भी गाली देगा? आपने फ़रमाया: हां! वो किसी के बाप को गाली देगा तो वो भी उसके बाप को गाली देगा और वो किसी की मां को गाली देगा तो वो भी उसकी मां को गाली देगा।
तिरमिज़ी1902
सूद खाना कबीरा गुनाह
मुहम्मद ﷺ ने फरमाया सात हलाक
व बर्बाद कर देने वाली चीज़ों से बचो:
01- अल्लाह के साथ शिर्क करना
02-किसी जानदार को बेवजह मारना
03-सूद (ब्याज) खाना (लेना देना)
04-यतीम (अनाथ) का माल खा जाना
05-जंग के मैदान में पीठ फेर भागना
06- जादू टोना करना (और करवाना)
07-पाक दामन औरतो पर इल्ज़ाम लगाना
सहीह बुखारी 6867
नबी करीम ﷺ ने फ़रमाया : मैं उस शख्स के लिए जन्नत के अन्दर एक घर की जमानत देता हूं जो हक़्क़ पर होने के बावजूद झगड़ा छोड़ दे और उस शख्स के लिए जन्नत के बीच में एक घर की जमानत देता हूं जो मज़ाक़ में भी झूठ बोलना छोड़ दे और उस शख्स के लिए आला जन्नत में एक घर की ज़मानत देता हूं जो अख़लाक़ में आला(बहतरीन) हो।
अबू डाऊद 4800
अल्लाह के रसूल S/A ने फरमाया अल्लाह अपने उन्ही बंदों पर रहम करता है जो रहम दिल होते हैं.
बुख़ारी7377
पैग़म्बर मुहम्मद (स०) ने फ़रमाया मज़दूर को उसकी मज़दूरी उसका पसीना सूखने से पहले दे दो -इफ्तार के वक्त दुआ रद्द नहीं होती रसूल अल्लाह ने फ़रमाया रोज़ेदार की दुआ इफ़्तार के वक्त रद्द नहीं होती
सुनन इब्ने माज़ा 1753
रोज़ा मग़फिरत का जरिया है अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया: जिस ने ईमान और सवाब की निय्यत से रोज़ा रखा उस के पिछले सारे गुनाह मुआफ़ कर दिए जाते हैं।
बुरखारी अल ईमान 38
अल्लाह के आखिरी पैगंबर हज़रत मुहम्मद ने फरमाया जब तुम बीमार के पास जाओ, तो उस की बीमारी पर उसे तसल्ली दो।
तिरमीज़ 2087
मोहम्मद ﷺ ने फ़रमाया जिस जगह “नमाज़” का वक़्त हो जाये फौरन पढ़ लो तुम्हारे लिए सारी ज़मीन “मस्जिद” है 🕌
तुम्हारी तौबा ज़रूर कुबूल होगी रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया अगर तुम गुनाह करो यहां तक कि तुम्हारे गुनाह आसमान तक पहोच जाए फ़िर तुम तौबा करो तो अल्लाह ज़रूर तुम्हारी तौबा कुबूल करेगा
इब्ने माज़ा 4248
अल्लाह के आखिरी पैगंबर बंदा अपने रब से सबसे ज़्यादा क़रीब उस वक़्त होता है जब वो सजदे में होता है।
सहीह मुस्लिम 482
रसूल अल्लाह ने फ़रमाया जिस शख़्स ने जहर पी कर खुदकुशी की तो उस का ज़हर उस के हाथ में दिया जाएगा और वोह जहन्नुम की आग में हमेशा हमेशा उसी (ज़हर को) पीता रहेगा
सहीह बुख़ारी 1364
पैगंबर मुहम्मद ने फ़रमाया: जब तुम्हारे पास दो आदमी फ़ैसला के लिए आएं, तो पहले के हक में फैसला ना करो, जब तक कि दूसरे की बात ना सुन लो।
तिरमीज़ 1311
नबी करीम ने फ़रमाया तुम अल्लाह के अहकाम की हिफाज़त करो अल्लाह तुम्हारी हिफाज़त करेगा।
जमेअ तिरमीज़ 2516
नबी करीम ने फ़रमाया: कोई भी मुसलमान जो एक दरख्त का पौदा लगाए या खेती में बीज बोए, फिर उसमें से परिंदें या इंसान या जानवर जो भी खाते हैं वो उसकी तरफ़ से सदका है
हदीस 2320
रसूल अल्लाह ने फ़रमाया अज़ान और इक़ामत के दरमियान की दुआ रद नहीं की जाती
पैग़म्बर मुहम्मद ने फरमाया कि जब तुम सालन पकाओ तो उसमें पानी बढ़ा दो और अपने पड़ोसी का ध्यान रखो।
बुख़ारी
रसूल अल्लाह ने फ़रमाया तुम सफ़ेद कपड़े पहना करो क्योंकि वोह तुम्हारे बेहतर कपड़ों में से हैं और उसी में (सफ़ेद कपड़ों में) अपने मुर्दों को दफनाओ
अबू दाऊद 4061
रसूल अल्लाह ने फ़रमाया जो औरत इस हाल में मर गई के उस का शौहर उस से राज़ी था तो वोह औरत जन्नत में दाखिल होगी
सुनन इब्ने माज़ा 1854
अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया जो शख़्स अपने भाई की इज़्ज़त (उस की गैर मौजूदगी में) बचाए अल्लाह तआला क़यामत के दिन उस के चेहरे को जहन्नुम से बचाएगा
सुनन तिरमिजी 1931
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